लावा 7 चक्र ब्रेसलेट के फायदे, पहनने के नियम और असली की पहचान
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लावा 7 चक्र ब्रेसलेट उन गिनी चुनी मालाओं में से है जिसमें ज्वालामुखी से बना खुरदुरा काला पत्थर और सात अलग रंगों के रत्न एक ही धागे में पिरोए जाते हैं। दुकान पर इसी को लेकर सबसे ज़्यादा सवाल आते हैं। काला मनका असली है या रंगा हुआ। किस हाथ में बांधें। तेल लगाना ज़रूरी है क्या। नीचे वही बातें लिखी हैं जो हम ग्राहकों को काउंटर पर बताते हैं, बिना किसी बढ़ा चढ़ाकर किए गए दावे के।
Key takeaways
- लावा स्टोन कोई अलग रत्न नहीं है, यह ठंडा होकर जमा हुआ ज्वालामुखीय लावा यानी बेसाल्ट पत्थर है।
- सात रंगीन मनके सात चक्रों के प्रतीक माने जाते हैं, हर मनका एक चक्र से जोड़ा जाता है।
- लावा के बारीक छिद्र सुगंधित तेल की एक बूंद सोख लेते हैं, इसी वजह से इसे डिफ्यूज़र ब्रेसलेट भी कहा जाता है।
- परंपरा में बायाँ हाथ शांति और ग्रहण के लिए तथा दायाँ हाथ काम और सक्रियता के लिए बताया गया है।
लावा 7 चक्र ब्रेसलेट क्या है
जिसे बाज़ार में लावा स्टोन कहा जाता है, भूविज्ञान की भाषा में वह ज़्यादातर बेसाल्ट होता है। यह ज्वालामुखी से बहकर निकले लावा के ठंडा होने पर बनता है और इसमें लोहा तथा मैग्नीशियम की मात्रा अच्छी रहती है। एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटैनिका इसे गहरे रंग की, सिलिका में कम और लोहे में समृद्ध ज्वालामुखीय चट्टान बताता है। जब यह लावा तेज़ी से ठंडा होता है तो उसमें फंसी गैस निकल जाती है और पत्थर में छोटे छोटे छेद रह जाते हैं। यही खुरदुरी बनावट लावा मनके की पहचान है।
ब्रेसलेट में आमतौर पर आधे मनके काले लावा के होते हैं और आधे सात रंगों के रत्न, जो सात चक्रों के क्रम में लगाए जाते हैं। यूवाकार्ट का लावा 7 चक्र ब्रेसलेट सेलेनाइट प्लेट के साथ इसी बनावट में आता है, और उसके साथ लैब सर्टिफिकेट भी दिया जाता है।
लावा स्टोन कहाँ से आता है
यह पत्थर दुनिया के हर उस हिस्से में मिलता है जहाँ कभी ज्वालामुखी सक्रिय रहे। भारत में दक्कन का पठार इसी तरह की चट्टानों से बना है। ज्वालामुखीय चट्टानों पर लिखी जानकारी में एक दिलचस्प बात यह भी है कि लावा स्टोन शब्द असल में व्यापारियों का दिया हुआ है, भूवैज्ञानिक इसे ज्वालामुखीय चट्टान कहना पसंद करते हैं। इसलिए जब कोई दुकानदार इसे कोई दुर्लभ रत्न बताकर बहुत ऊँची कीमत मांगे तो सतर्क हो जाइए।
एक नज़र में
| पत्थर | काला लावा स्टोन यानी बेसाल्ट, साथ में सात चक्र रत्न |
| बनावट | खुरदुरी और छिद्रदार, चमकदार नहीं |
| मुख्य भाव | ज़मीन से जुड़ाव और मन का संतुलन |
| किस हाथ में | बायाँ हाथ शांति के लिए, दायाँ हाथ काम के लिए |
| कब पहनें | सोमवार या गुरुवार की सुबह, स्नान के बाद |
| मनका माप | आमतौर पर 8 मिमी, इलास्टिक धागे पर |
| यूवाकार्ट पर कीमत | ₹1,199 से ₹1,299 तक |
| देखभाल | सूखे कपड़े से पोंछें, तेज़ रसायन से दूर रखें |
सात चक्र और उनके पत्थर
योग और तंत्र की परंपरा में चक्र शरीर के भीतर ऊर्जा के केंद्र माने गए हैं। ब्रिटैनिका के अनुसार इनमें छह रीढ़ के साथ और एक सिर के ऊपर स्थित बताया गया है, और हर चक्र से एक रंग, एक तत्व तथा एक मंत्र जोड़ा जाता है। इसी विचार को सूक्ष्म शरीर की धारणा में विस्तार से समझाया गया है। ब्रेसलेट में लगे रत्न इन्हीं सात केंद्रों के रंग दोहराते हैं।
- मूलाधार, लाल: लाल जैस्पर, जो अपनी लोहे की मात्रा से लाल रंग पाता है।
- स्वाधिष्ठान, नारंगी: कार्नेलियन, जिसे भारत में लाल अकीक भी कहा जाता है।
- मणिपुर, पीला: पीला जैस्पर या सिट्रीन, आत्मविश्वास से जोड़ा जाने वाला रंग।
- अनाहत, हरा: हरा एवेंचुरिन, जिसका बड़ा हिस्सा भारत में ही निकलता है।
- विशुद्धि, नीला: सोडालाइट या हल्का फ़िरोज़ा, गले और अभिव्यक्ति से जुड़ा।
- आज्ञा, गहरा नीला: लापिस लाजुली, जो हज़ारों साल से गहनों में इस्तेमाल होता आया है।
- सहस्रार, बैंगनी: अमेथिस्ट या पारदर्शी क्वार्ट्ज़, शांति और ध्यान से जोड़ा जाने वाला।
अगर आप सिर्फ़ रंगीन रत्नों वाली माला चाहते हैं तो सात चक्र ब्रेसलेट पर लिखा हमारा विस्तृत लेख पढ़ लीजिए। लावा वाला संस्करण उससे इसलिए अलग है कि उसमें काला पत्थर एक ठहराव जोड़ता है।
लावा 7 चक्र ब्रेसलेट के फायदे
परंपरा में इस माला से जो बातें जोड़ी जाती हैं वे आस्था का विषय हैं, किसी इलाज का विकल्प नहीं। फिर भी जिन लोगों ने इसे लंबे समय तक पहना है, वे इन्हीं बातों का ज़िक्र करते हैं।
- ज़मीन से जुड़ाव: काले लावा को परंपरागत रूप से स्थिरता और धैर्य का प्रतीक माना जाता है।
- चक्रों का संतुलन: सातों रंग एक साथ होने से किसी एक चक्र को चुनने की उलझन नहीं रहती।
- सुगंध का साथ: लावा के छिद्रों में लैवेंडर या चंदन के तेल की एक बूंद कई घंटे टिकी रहती है।
- ध्यान में सहारा: खुरदुरी सतह पर उंगली फेरना जप और ध्यान के समय मन को एक जगह टिकाने में मदद करता है।
- रोज़ पहनने लायक: बेसाल्ट सख्त होता है, इसलिए यह ऑफिस और यात्रा दोनों में आसानी से चल जाता है।
- हर किसी पर जँचता है: काला और रंगीन मनकों का मेल स्त्री और पुरुष दोनों की कलाई पर सादगी से बैठता है।
Buyer's note: लावा मनका जितना हल्का और खुरदुरा हो, उतना ही असली होने की संभावना है। जो मनके चमकदार, भारी और एकदम चिकने लगें, वे अक्सर रंगे हुए काँच या दबाई गई राख के होते हैं। खरीदते समय लैब रिपोर्ट मांगने में कोई झिझक मत रखिए।
लावा 7 चक्र ब्रेसलेट पहनने के नियम
कोई कठोर शास्त्रीय विधान इस माला के लिए तय नहीं है, क्योंकि यह अपेक्षाकृत नया संयोजन है। घरों में जो तरीका चलता है वह इतना सा है। सोमवार या गुरुवार की सुबह स्नान के बाद ब्रेसलेट को साफ़ पानी से धोकर पोंछ लीजिए। कुछ पल हाथ में लेकर अपना उद्देश्य मन ही मन दोहराइए, फिर पहन लीजिए। पहले तीन चार दिन इसे लगातार पहनकर देखिए कि कलाई पर कैसा लगता है।
- हाथ का चुनाव: मन की शांति चाहिए तो बायाँ हाथ, काम में गति चाहिए तो दायाँ हाथ।
- तेल लगाने का तरीका: सिर्फ़ काले मनके पर एक बूंद, रंगीन रत्नों पर तेल न लगाएँ।
- नहाते समय: साबुन और शैंपू से बचाने के लिए उतार देना बेहतर है।
- सफ़ाई: हफ़्ते में एक बार सूखे मुलायम कपड़े से पोंछ लीजिए, धूप में देर तक मत रखिए।
- चार्जिंग: सेलेनाइट प्लेट पर रातभर रख देना सबसे आसान तरीका है।
यूवाकार्ट का लावा स्टोन 7 चक्र ब्रेसलेट सादा संस्करण है, जबकि सेलेनाइट प्लेट वाला सेट उन लोगों के लिए है जो सफ़ाई और चार्जिंग की झंझट नहीं चाहते। पूरी श्रेणी लावा चक्र संग्रह में देखी जा सकती है।
लावा 7 चक्र और सामान्य 7 चक्र में अंतर
| पहलू | लावा 7 चक्र | सामान्य 7 चक्र |
|---|---|---|
| दिखावट | काले और रंगीन मनकों का मेल, दबी हुई चमक | पूरी माला रंगीन और चमकदार |
| मुख्य भाव | स्थिरता के साथ संतुलन | केवल चक्र संतुलन |
| तेल की सुविधा | हाँ, लावा मनका तेल सोखता है | नहीं, रत्न तेल नहीं सोखते |
| किसके लिए बेहतर | जिनका मन जल्दी भटकता है | जिन्हें रंगों की ऊर्जा पसंद है |
| देखभाल | तेल के कारण थोड़ी ज़्यादा सफ़ाई | सिर्फ़ पोंछना काफ़ी |
तुलना करके देखना हो तो सादा 7 चक्र हीलिंग ब्रेसलेट भी उसी दाम के आसपास मिल जाता है।
असली लावा स्टोन की पहचान
असली लावा मनका छूने पर खुरदुरा लगता है और उसके छेद असमान होते हैं, कहीं बड़े कहीं छोटे। नकली मनके अक्सर एक जैसे छेदों वाले होते हैं क्योंकि वे साँचे में ढाले जाते हैं। असली पत्थर अपने आकार के हिसाब से हल्का लगता है, जबकि काँच का मनका भारी। गीले हाथ से पकड़ने पर असली लावा थोड़ी नमी सोख लेता है। रंगीन रत्नों की जाँच अलग से करनी पड़ती है, क्योंकि क्वार्ट्ज़ परिवार के पत्थरों की नकल सबसे ज़्यादा बिकती है। इसलिए लैब सर्टिफिकेट वाली माला लेना सुरक्षित रहता है।
आम गलतियाँ
- बहुत ज़्यादा तेल: एक बूंद काफ़ी है, ज़्यादा तेल धागे को कमज़ोर कर देता है।
- कसकर पहनना: इलास्टिक धागा खिंचकर टूटता है, एक उंगली की ढील रखिए।
- एक साथ बहुत सारी मालाएँ: शुरुआत में एक ही ब्रेसलेट पहनकर देखिए कि कैसा लगता है।
- तुरंत नतीजे की उम्मीद: यह आस्था और अनुशासन की चीज़ है, कोई दवा नहीं।
- सस्ते के चक्कर में: दो सौ रुपये की माला में सात असली रत्न मिलना मुश्किल है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. लावा 7 चक्र ब्रेसलेट किस हाथ में पहनें?
परंपरा में बायाँ हाथ ग्रहण करने वाला माना जाता है, इसलिए शांति, नींद और मन के ठहराव के लिए बाईं कलाई चुनी जाती है। जिन्हें काम में गति और आत्मविश्वास चाहिए वे दाईं कलाई पर पहनते हैं। दोनों में कोई गलत नहीं है।
2. क्या इस पर तेल लगाना ज़रूरी है?
ज़रूरी नहीं, यह सुविधा भर है। लावा के छिद्र ज्वालामुखीय चट्टान की बनावट के कारण बनते हैं और तेल की एक बूंद उनमें कई घंटे टिकी रहती है। बिना तेल के भी ब्रेसलेट वैसा ही रहता है।
3. क्या इसे रुद्राक्ष के साथ पहन सकते हैं?
हाँ, बहुत से लोग एक कलाई पर रुद्राक्ष और दूसरी पर क्रिस्टल पहनते हैं। जो लोग दोनों एक साथ चाहते हैं उनके लिए 7 चक्र ब्रेसलेट और 5 मुखी रुद्राक्ष पेंडेंट का कॉम्बो बना बनाया मिल जाता है।
4. क्या महिलाएँ और पुरुष दोनों पहन सकते हैं?
हाँ, इसमें कोई भेद नहीं है। 8 मिमी का मनका पुरुषों की कलाई पर अच्छा लगता है और महिलाएँ चाहें तो 6 मिमी का पतला संस्करण चुन सकती हैं।
5. लावा स्टोन और काला हकीक एक ही चीज़ हैं क्या?
नहीं। लावा स्टोन ज्वालामुखीय बेसाल्ट है, जबकि काला हकीक कैल्सेडनी परिवार का चमकदार पत्थर है। लावा खुरदुरा और छिद्रदार होता है, हकीक चिकना और चमकीला। अगर आपको काले पत्थर का ठोस भाव पसंद है तो हेमेटाइट ब्रेसलेट पर लिखा लेख भी देख लीजिए।
6. कितने दिन में असर दिखता है?
इसे किसी उपचार की तरह मत देखिए। परंपरा में माना जाता है कि लगातार पहनने और नियम से ध्यान करने पर मन में ठहराव आता है, और यह हर व्यक्ति के लिए अलग समय लेता है। किसी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से ही सलाह लीजिए।
लैब सर्टिफाइड लावा 7 चक्र ब्रेसलेट
सेलेनाइट चार्जिंग प्लेट के साथ, पूरे भारत में डिलीवरी।
आप इसे किस उद्देश्य से लेना चाहते हैं, मन की शांति के लिए या रोज़ के काम में ठहराव के लिए? जवाब साफ़ हो तो चुनाव आसान हो जाता है। बाकी विकल्प देखने हों तो ब्रेसलेट संग्रह में हर पत्थर की माला अलग अलग मिल जाएगी, और हर उत्पाद के साथ लैब रिपोर्ट दी जाती है।